पंजाब सरकार का फाइनांस डिपार्टमेंट आजकल एक अधिकारी पर बेहद मेहरबान है। आप इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हो कि उक्त अधिकारी के पास पहले चंडीगढ़ मुख्य आफिस के साथ मोहाली नगर निगम के डिप्टी डायरेक्टर लोकल आडिट का चार्ज था। लेकिन अब उक्त अधिकारी को इन चार्ज के साथ साथ लुधियाना जालंधर रीजनल डिप्टी डायरेक्टर लोकल आडिट व लुधियाना व जालंधर नगर निगम का चार्ज भी दे दिया गया है। ये साहब जिनका नाम दविंदर पाल शर्मा हैं, चंडीगढ़ में डिप्टी डायरेक्टर लोकल आडिट के पद पर तैनात हैं और इन पर इस मेहरबानी का बड़ा कारण फाइनांस डिपार्टमेंट के एक उच्च अधिकारी के साथ नजदीकी बताया जाता हैं। लेकिन ऐसी भी क्या नजदीकि कि सभी नियमों को तोड़ उक्त अधिकारी जो फाइनांस डिपार्टमेंट चंडीगढ़ के मुख्य आफिस में तैनात हैं को मोहाली के साथ साथ अब जांलधर व लुधियाना का भी चार्ज दे दिया गया। ऐसे में चंडीगढ़ के मुख्य आफिस बैठने वाला ये अधिकारी कैसे तीन अलग शहरों में अपनी पोस्ट के साथ इंसाफ कर पाएगा और लोकल आडिट जैसे अहम पद पर रहकर सभी आडिट को बेहतर ढंग से निभा पाएगा। बताया जाता है कि दविंदर पाल प्रमोट भी कुछ समय पहले हुए हैं, लेकिन उनकी सिन्योरिटी को भी ध्यान में रखे बिना इतना अहम पद मिलने के पीछे का कारण कुछ ओर भी लगाया जा रहा है। लुधियाना नगर निगम में तैनात नरेश कुमार डिप्टी कंट्रोलर लोकल आडिट के 30 जून को सेवानिवृत होने के बाद ये नए कार्यभार के आदेश फाइनांस डिपार्टमेंट की ओर से जारी किए गए हैं। भले ही ये आदेश दो दिन पहले जारी हुए हों, लेकिन दविंदर पाल शर्मा की एक उच्च अधिकारी के साथ नजदीकी होने के चलते उन्हें ये अतिरिक्त चार्ज मिलने का ढिंढोरा दस दिन पहले ही खिल गया था।
Finance-Department-Is-Kind-To-An-Officer-Along-With-Chandigarh-Mohali-He-Was-Also-Given-Additional-Charge-Of-Ludhiana-Jalandhar