पंजाब। बठिंडा के मौड़ मंडी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके कांग्रेसी नेता सुखराज नत्त के बेटे दविंदर नत्त ने आत्महत्या कर ली। सुखराज ने रविवार देर रात को अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारी। उन्होंने आत्महत्या करने से पहले 8.45 मिनट का वीडियो बनाया। जिसमें चंडीगढ़ के बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाए। सुखराज ने कहा कि बिल्डर ने 4 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया। बिल्डर को मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां और जालंधर से कांग्रेस के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी से फोन भी कराया। उन्होंने कहा कि परिवार को इंसाफ दिलाना। इसके बाद उन्होंने अपनी 30 बोर की पिस्टल से खुद को गोली मार ली। दविंदर नत्त एडवोकेट थे। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। उनके पिता सुखराज नत्त का निधन हो चुका है। ऐसे में घर में अकेली मां ही है। उनका अस्पताल में शव रखा है। जानकारी के मुताबिक रिश्तेदार अस्पताल पहुंचेंगे। इसके बाद पोस्टमॉर्टम पर फैसला लिया जाएगा।
सुषमा बिल्डटेक ग्रुप ने धोखा दिया
सतश्री अकाल भाईजी, मैंने जिंदगी में कभी भी वीडियो नहीं बनाई। ये मेरी जिंदगी की पहली और आखिरी वीडियो है। मेरे साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है, जो कि सुषमा बिल्डटेक के मालिक बिंदरपाल मित्तल, उनका बेटा प्रतीक मित्तल, भरत मित्तल और सारी फैमिली ने किया। मैं कोई आम इंसान का बेटा नहीं, पिता ने 3 MLA के इलेक्शन लड़े। कांग्रेस से हम संबंधित हैं। मैं अपनी फरियाद लेकर मंत्री गुरमीत सिंह खुडि्डयां के पास भी गया। मैंने कहा- वीर जी, मैं मारा गया। मेरे पिता ने अपनी जमीन बेचकर पैसे दिए थे। पिता की मौत पर मुझे 55 लाख रुपए आया था। मैंने वह भी वहीं दे दिया कि मेरा घर आसानी से चलता रहेगा।
यअपनी जीवनलीला समाप्त कर रहा हूं
चारों तरफ से धोखा हो गया। समय बलवान होता है। मैं आज अपनी जीवनलीला समाप्त कर रहा हूं। दूसरे लोग ये काम रोकर करते हैं, मैं रोकर क्यों करूं। जो अपनी कर्मों में है, वह हमें करके जाना पड़ना है। एक मेरा रामपुरा फूल SBI बैंक का 80 लाख रुपए का लोन है। 10–20 लाख और किसी का देना होगा। मेरे बड़े भाई गुरमेल को पता है, वह दे दिया जाएगा, कोई बड़ी बात नहीं है। मैं झूठ बोलूं या गप्प मारता रहूं, मैंने बिंदरपाल मित्तल से 4 करोड़ रुपए लेने हैं। मेरी मौत का जिम्मेदार वही है। मैं एक और विनती करता हूं कि मेरी बॉडी का पोस्टमॉर्टम न कराया जाए। मुझे ऐसे ही विदा किया जाए। मुझे कोई दुख नहीं, मैं सरदार सुखराज सिंह से माफी मांगता हूं, जिनकी मैं औलाद हूं, मैं उनका सपना ऊपर लेकर नहीं जा सका।
मेरे पीछे अकेली मां, उसे संभाल लेना
सॉरी पापा जी, मैं आपका सपना पूरा नहीं कर सका। पैसे इन्हें तभी दिए थे कि एक न एक दिन पिता का सपना पूरा करूंगा। मैं पेशे से वकील हूं, मैं भाईचारे से विनती करता हूं कि मुझे इंसाफ दिला देना। मेरे पीछे अकेली मां है। उसे संभाल लो। एक रमन और दूसरी हरमीत बहन है, संभाल लेंगी, कोई बात नहीं लेकिन मेरी मजबूरी है। किसी को बोला हो, माफ करना। मैं सिर्फ व सिर्फ बिंदरपाल मित्तल पुत्र जगन्नाथ मित्तल निवासी नत्त और फिलहाल निवासी 302 नंबर, सेक्टर 9, चंडीगढ़ व हाल आबाद सेक्टर 5 में किराए पर बैठे हैं, वह और भरत मित्तल व प्रतीक मित्तल मेरी मौत की जिम्मेदार हैं।