यशपाल शर्मा, लुधियाना
बुडढा नाला को पॉल्यूशन मुक्त करने के लिए पंजाब पाॅल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी अब जैडएलडी तकनीक को इस्तेमाल में लाने पर वर्किंग शुरु कर दी है। आज पीपीसीबी के चेयरमैन डा. आदर्श पाल विज, पीपीसीबी के मेंबर सेक्रेटरी जीएस मजीठिया व अन्य अधिकारी लुधियाना में थे। पीपीसीबी की उक्त टीम ने फोकल प्वाइंट स्थित लार्ज कैटेगरी में आती गर्ग एक्रेलिक का दौरा किया। गर्ग एक्रेलिक की ओर से अपने आरओ सिसटम को एमवीआर तकनीक से लैस कर इसे पूरी तरह से जैडएलडी में तबदील करने में कामयाबी हासिल की है। ये लुधियाना की पहली ऐसी इंडस्ट्री भी बन गई, जिसने ये कामयाबी हासिल की है। इस दौरान जैडएलड़ी तकनीक पर काम कर रहे एक्सपर्ट पवन शर्मा की ओर से पीपीसीबी के चेयरमैन डा. आदर्श पाल विज व उनकी टीम को इस तकनीक की वर्किंग के बारे में बताया कि कैसे ये लो टैंपरेचर इवोपेरेशन पर पूरे आरओ से ट्रीट हुए डिस्चार्ज को उड़ा देती है। इस दौरान पीपीसीबी के अफसर इस एमवीआर तकनीक को देख काफी प्रसन्न भी दिखे। पीपीसीबी चेयरमैन ने इस तकनीक को खूब सराहा भी और इस पर वर्किंग कर इसे किस तरह लुधियाना की इंडस्ट्री के लिए भी बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके लिए अपनी टीम से चर्चा भी की।
मात्र 15 से 20 पैसे प्रति लीटर का खर्च
इस तकनीक के बारे में एक्सपर्ट पवन शर्मा ने अधिक जानकारी देते बताया कि इस जैडएलड़ी प्रोसेस में मात्र 15 से 20 पैसे प्रति लीटर के खर्च पर डिस्चार्ज को उड़ा दिया जाता है और इसमें स्टीम तक की जरुरत नहीं रहती। जबकि इससे पहले की पुरानी तकनीक में इंडस्ट्री को अधिक पॉवर इस्तेमाल व स्टीम के चलते प्रति लीटर 5 रुपए से अधिक की कॉस्ट बैठ रही थी और इसके चलते इंडस्ट्री इस तकनीक को लाने में कामयाब नहीं हो पा रही थी। लेकिन इस लो टैंपरेचर इवोपोरेशन मात्र 60 से 70 डिग्री टैंपरेचर पर ही ये सब संभव हो जाता है।
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